इस वक़्त जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, लोगों का घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो चुका है| वहीं सरकार शराब की होम डिलीवरी करके इन लोगों से शराब से मोटा टैक्स वसूल करने जा रही है|
मगर यहाँ पर सरकार को यह ध्यान में रखना चाहिए कि जो निम्न वर्ग या मध्य वर्ग के परिवार हैं, उनका इस वक़्त घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो चुका है और ऐसे घरों में शराब सिर्फ एक व्यक्ति की जरुरत को पूरा करेगी, बाकी परिवार के लोग उस शराब का खामियाजा भुगतेंगे| इस वक़्त एक तो लोगों का आमदनी का कोई साधन नहीं है दूसरा जब शराब जैसा खर्चा बढ़ जाएगा तो लोगों की आर्थिक हालत और ख़राब हो जाएगी| किसी भी परिवार में यदि 5 लोग हैं तो उस परिवार में शराब सिर्फ एक मेंबर की जरुरत की पूर्ति करेगी और हमारे यहाँ काफी ऐसे लोग हैं जो शराब अधिक मात्रा में पीते हैं और ऐसे लोग घर का माहौल भी ख़राब करेंगे| हमारे यहाँ शराब पीने वाले ऐसे लोग भी हैं जो अपनी रोज़ाना की आमदनी के आधे हिस्से की शराब ही पी जाते थे| यदि पंजाब में शारब की विक्री शुरू होती है तो ऐसे लोग एक तो आपने घर की बर्बादी करेंगे दूसरा लड़ाई-झगड़े भी अधिक होने लग जाएंगे| बेशक़ सरकार अपना राजस्व बढ़ाने के चक्कर में यह कदम उठाने जा रही है मगर इसका आम लोगों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा|

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