Skip to main content

Egg is veg or non veg, अंडे शाकाहारी या मांसाहारी

अंडे शाकाहारी होते हैं या मांसाहारी 
Egg is Veg or Non-Veg

Egg is veg or non veg, eggs are veg or non veg
क्या अंडा शाकाहारी होता है या मांसाहारी? हमारे भारत में यह एक चर्चा का विष्य बन चुका है| कई लोगों का मानना है कि अंडा मांसाहार होता है, क्यूंकि इसमें से बच्चा पैदा होता है, इसलिए यह मांसाहार की श्रेणी में आता है| वहीं कई लोगों का विचार है कि यह शाकाहार भोजन की श्रेणी में आता है और उन्होंने इसे ओवो-शाकाहार(Ovo-Vegetarian) का नाम दे रखा है|
हम आपको वैज्ञानिक और विस्तृत रूप में बताएँगे कि अंडा मांसाहार होता है या शाकाहार| इस विष्य को जानने से पहले आपको यह ज्ञान होना चाहिए कि अंडे होते कितने प्रकार के हैं? अंडों को पैदा करने की प्रक्रिया कितने प्रकार की होती है? हम आपको इसकी विस्तृत जानकारी आगे देते हैं, जिससे आपके मन की सभी शंकाएं दूर हो जाएंगी कि अंडा मांसाहार होता है या शाकाहार|

अण्डों के प्रकार और प्रक्रिया:- अंडे मांसाहार होते हैं या शाकाहार इसको समझने से पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि अंडे पैदा करने की प्रक्रिया 2 प्रकार की होती है| 
पहली प्रक्रिया में मुर्गी किसी मुर्गे के संपर्क में आने के बाद जो अंडे देने शुरू करती है, उसको भ्रूण युक्त (Embryo) अंडे कहा जाता है|यह प्रक्रिया प्राकृतिक होती है| इस प्रकार के अण्डों में जो भ्रूण(Embryo) होता है, उससे अंडे में बच्चा बनता है| इस प्रकार के अण्डों के पीले भाग के बीच एक छोटा सफ़ेद रंग का भ्रूण दिखाई देता है| इसको हम ऐसे भी कह सकते हैं कि इस प्रकार के अण्डों में जीवन होता है| इस प्रकार के अंडे हमें घर में रखी मुर्गिओं से प्राकृतिक ढंग से प्राप्त होते हैं|
दूसरे प्रकार के अण्डों की बात करें तो इस प्रजनन प्रक्रिया में मुर्गिओं को बनावटी ढंग से टीकाकरण करके उनसे अंडे प्राप्त किए जाते हैं| यह प्रक्रिया बनावटी होती है और इसमें मुर्गियां किसी मुर्गे के संपर्क में नहीं आती हैं| इस प्रकार की प्रजजन प्रक्रिया से जो हमें अंडे प्राप्त होते हैं, उनमें भ्रूण(Embryo) नहीं होता है| हम यह भी कह सकते हैं कि इस प्रकार के अण्डों में जीवन नहीं होता है और इन अण्डों से बच्चे भी पैदा नहीं किए जा सकते हैं|
अब आप इस बात को समझ ही गए होंगे कि दूसरी प्रकार के अण्डे वैज्ञानिक दृष्टि से भी मांसाहार की श्रेणी में नहीं आते हैं| जिस अण्डे में जीवन ही नहीं है हम उसको मांसाहारी कैसे कह सकते हैं| इसलिए यदि आप इस बात का विचार करते हो कि हमें सिर्फ शाकाहार भोजन खाना है तो आप दूसरी प्रकार के अण्डों का सेवन कर सकते हो| इन दोनों प्रकार के अण्डों में पौष्टिक तत्व बराबर मात्रा में होते हैं| अब हम इन दोनों प्रकार के अण्डों की पहचान कैसे करेंगे, इस बात पर आते हैं|

पहचान:- जैसा के हमने बताया के भ्रूण युक्त अण्डे प्राकृतिक प्रजनन प्रक्रिया से प्राप्त होते हैं| इसलिए जो मुर्गियां हम घर में पालते हैं, वह अण्डे भ्रूण वाले होते हैं| इन अण्डों का रंग हल्का भूरा होता है और इनका आकार भी छोटा होता है, जिसको हम देसी अण्डे भी कहते हैं|
वहीं दूसरी प्रकार के अण्डे जो भ्रूण के बिना होते हैं, उनका रंग सफ़ेद होता है| हमारी मार्किट में जितने भी सफ़ेद अण्डे आते हैं, वह सभी इसी श्रेणी में आते हैं| इन अण्डों में भ्रूण ना होने के कारण इनमें से बच्चा पैदा नहीं किया जा सकता और आप इससे शाकाहार भोजन के तौर पर ग्रहण कर सकते हो|

Comments

Popular posts from this blog

भारत में Covid-19 का आंकड़ा 37, 262 तक पहुंचा| पंजाब में भी आंकड़ा बढ़ा|

भारत सरकार और सभी राज्य सरकारों की तरफ से इतनी सख़्ती से किए लॉकडॉन में भी कोरोना के मरीज़ो की गिनती दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है| भारत में covid-19 की निगरानी कर रही वेबसाइट www.covid19india.org के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कुल Covid-19 पॉजिटिव मरीजों की गिनती 37,262 तक पहुँच चुकी है| पिछले 24 घंटों में भारत में 2500 के करीब नए पॉजिटिव केस आए हैं| महाराष्ट्र में इसका आंकड़ा 10,000 को पार कर चुका है और पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में 1000 से ऊपर नए पॉजिटिव केस आए हैं|वहीं पंजाब में पिछले 24 घंटों में 100 से ऊपर नए पॉजिटिव केस पाए गए हैं और पंजाब में इसकी गिनती 585 तक पहुँच चुकी है|   

पठानकोट जिला मजिस्ट्रेट को असला लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को शुरू करने की अपील

पठानकोट जिला मजिस्ट्रेट को असला लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को शुरू करने की अपील  पठानकोट- Covid-19 के चलते पठानकोट में नई असला लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है| इसके स्थगित होने से पठानकोट में कई व्यापारी और अन्य लोगों को नया असला लाइसेंस बनाने को लेकर मुश्किल आ रही है| इनमें कई लोगों को कैश या अन्य कारणों के कारण असला लाइसेंस की जरुरत पड़ती रहती है| मगर Covid-19 के कारण इस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है|नया असला लाइसेंस बनाने वाले लोगों ने जिल्हा मजिस्ट्रेट के आगे अपील की है कि सभी सावधानिओ के साथ इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाए|

सरकार शराब से खज़ाना भरने के चक्कर में लोगों का खज़ाना ना ख़तम कर दे

इस वक़्त जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, लोगों का घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो चुका है| वहीं सरकार शराब की होम डिलीवरी करके इन लोगों से शराब से मोटा टैक्स वसूल करने जा रही है| मगर यहाँ पर सरकार को यह ध्यान में रखना चाहिए कि जो निम्न वर्ग या मध्य वर्ग के परिवार हैं, उनका इस वक़्त घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो चुका है और ऐसे घरों में शराब सिर्फ एक व्यक्ति की जरुरत को पूरा करेगी, बाकी परिवार के लोग उस शराब का खामियाजा भुगतेंगे| इस वक़्त एक तो लोगों का आमदनी का कोई साधन नहीं है दूसरा जब शराब जैसा खर्चा बढ़ जाएगा तो लोगों की आर्थिक हालत और ख़राब हो जाएगी| किसी भी परिवार में यदि 5 लोग हैं तो उस परिवार में शराब सिर्फ एक मेंबर की जरुरत की पूर्ति करेगी और हमारे यहाँ काफी ऐसे लोग हैं जो शराब अधिक मात्रा में पीते हैं और ऐसे लोग घर का माहौल भी ख़राब करेंगे| हमारे यहाँ शराब पीने वाले ऐसे लोग भी हैं जो अपनी रोज़ाना की आमदनी के आधे हिस्से की शराब ही पी जाते थे| यदि पंजाब में शारब की विक्री शुरू होती है तो ऐसे लोग एक तो आपने घर की बर्बादी करेंगे दूसरा लड़ाई-झगड़े भी अधिक होने लग जाएंगे| बेशक़ सरकार अपना ...