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पठनकोट-अमृतसर हाईवे से गुजरे 11 महीने में 2 लाख 11 हज़ार ओवरलोड ट्रक- आर.टी.आई. से खुलासा

पठानकोट-अमृतसर हाईवे से गुजरे 11 महीने में 2 लाख 11 हज़ार ओवरलोड ट्रक- आर.टी.आई. से खुलासा 
पठानकोट(बरजिंदर सैनी) आर.टी.आई से मांगी जानकारी से यह खुलासा हुआ है कि पठानकोट-अमृतसर राष्ट्रीय मार्ग से 01-04-2019 से 04-03-2020 के दौरान 2 लाख 11 हज़ार 714 ओवरलोड ट्रक गुजरे हैं|
पठानकोट के एक आर.टी.आई एक्टिविस्ट ने अपना नाम गुप्त रखते हुए बताया है कि उसने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से सुचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी कि पठानकोट-अमृतसर राष्ट्रीय मार्ग पर लदपालवा टोल प्लाजा से 01-04-2019 से 04-03-2020 तक कितने ओवरलोड ट्रक गुजरे हैं और साथ में यह भी जानकारी मांगी गई थी कि इन ओवरलोड ट्रकों से कितना जुर्माना वसूला गया है? इसका जवाब जब NHAI से प्राप्त हुआ तो उसमें बहुत हैरान करने वाले खुलासे हुए| NHAI ने अपने जवाब में बताया कि 01-04-2019 से लेकर 04-03-2020 तक लदपालवा टोल प्लाजा से 2 लाख 11 हज़ार 714 ट्रक गुजरे थे और इन ट्रकों से 3 करोड़ 21 लाख 74 हज़ार 850 रूपए हर्जाने के रूप में वसूले गए हैं| इस हिसाब से प्रति ओवरलोड ट्रक 152 रूपए जुर्माना बनता है, भाव कि कोई भी ओवरलोड ट्रक टोल प्लाजा को 152 रुपए देकर टोल प्लाजा से गुज़र सकता है|

हमारे देश में सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 113(3) में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी कमर्शियल व्हीकल अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में पास लोड से यदि ज्यादा लोड भरता है तो उसे ओवरलोड माना जाएगा और उसको पब्लिक रोड पर चलने पर vकानून की उलंघना माना जाएगा और उसके ऊपर करवाई करके की जिम्मेवारी प्रशासन और ट्रांसपोर्ट विभाग की होगी, मगर शायद पठानकोट प्रशासन और ट्रांसपोर्ट विभाग को पठानकोट के इस मार्ग पर चलने वाले 2 लाख 11 हज़ार 714 ट्रक नज़र नहीं आते|पठानकोट के कई लोगों ने ट्रांसपोर्ट विभाग और लोकल प्रशासन को ओवरलोड ट्रकों के बारे में शिकायत की है, मगर हमारा प्रशासन कुम्भ-करणी नींद में सोया हुआ है और इससे यदि प्रतीत होता है कि हमारे देश में कानून की उलंघना करने वालों के लिए सजा बराबर नहीं है| 



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